11 Km Long Jungle Grown Without Any Govt Help

This is the story of one timber merchant Narsingh Ranga, who in the last 25 years, has grown a jungle in some 11 km long stretch along the Narmada river. In some 50 acres, now one can see lakhs of trees which was barren land earlier. And the best part is that the businessman did not take any government help for this.

लकड़ी कारोबारी नरसिंह रंगा को एक दिन लगा कि यदि लकड़ी काटते गए और पेड़ नहीं उगाए तो फिर लकड़ी मिलेगी कैसे? इसी विचार के बूते उन्होंने 25 साल में नर्मदा नदी के किनारे सूखे और बंजर इलाके में 11 किमी लंबाई और नदी के तट से करीब 50 एकड़ की चौड़ाई वाले हिस्से को लाखों पेड़ों से हरा-भरा कर दिया। इसके लिए उन्होंने किसी तरह की सरकारी मदद नहीं ली। यह पूरा इलाका ऑक्सीजन जोन बन चुका है। देश भर से वन विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और रिसर्च स्कॉलर इस जंगल को देखने पिछले कई सालों से आ रहे हैं। उष्ण कटिबंधिय वन अनुसंधान केंद्र और राज्य वन अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक भी इस जंगल से सीख ले रहे हैं।

रंगा के प्रयासों के बाद नर्मदा के एक तट पर 100 फीट से भी ज्यादा ऊंचाई वाले लहलहाते पेड़ खड़े हैं। सिर्फ चार प्रजाति के पेड़ देवरी बसनिया के इस जंगल में लगे हैं। सागौन, खमेर, बांस और नीलगिरी से अटा ये इलाका अब पूरी तरह उपजाऊ बन गया। मिट्टी का क्षरण रोकने में कामयाबी हासिल हुई है।

Read more of this in a report by Piyush Bajpayee published in Jagran....

News Source
Jagran

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