एकल का छात्र कॉलेज की पढ़ाई के साथ आजीविका भी चला रहा है

This is the story of Deepak Das, son of Govind Das, of village Warmundi in the Nirsa Block of Dhanbad district of Jharkhand. Deepak started his education with Ekal and was its student in 2003-2004. Today this twenty year youth has learnt tailoring from his father, knows computer operations and is studying to graduate in History from the BBM College, Waliyapur. In the morning and evenings he does stitching to earn some two hundred Rupees daily and is helping the family, and in the day time he pursues his graduation from the college. 

दीपक दास धनबाद जिले के निरसा प्रखण्ड के वरमुड़ी गाँव में चलने वाले एकल विद्यालय का छात्र वर्ष 2003-2004 में था। जब वह पाँच वर्ष का था, तब एकल विद्यालय में दो वर्षों तक पढ़ाई की। आज वह 20 वर्ष का हो गया। 20 वर्षीय युवक एकल में पढ़ाई कर आज कुशलता पूर्वक दर्जी का काम करते हुए ‘‘स्नातक’’ इतिहास विषय से स्थानीय B.B.M.  वालियापुर में पढ़ाई कर रहा है तथा अपने घर में सुबह शाम एवं देर रात तक कपड़ों की सिलाई करता है। कपड़ा में साया, बलाऊज, अंडरवियर, झोला आदि की सिलाई करता है। वह प्रतिदिन 200 रुपये की आमदनी घर पर ही कर लेता है।

दीपक के पिताजी गोविन्द दास ने वर्ष 1998 ई. से ही एकल विद्यालय के आचार्य के रूप में कार्य किया। इसी कारण दीपक ने भी बचपन में प्राथमिक विद्यालय न जाकर एकल विद्यालय में दो वर्षों तक पढ़ाई की। इसके बाद एकल अभियान से सिधु-कान्हु बिरसा सेवा संस्थान करंजों में 2005 से 2010 तक कक्षा पाँचवीं से कक्षा नवमी तक पढ़ाई की। वलियापुर शिशु विद्यामंदिर से वर्ष 2013 में मैट्रिक की परीक्षा पास की। इसके बाद B.B.M.  काॅलेज वलियापुर से इंटर एवं B.A. की पढ़ाई की। वलियापुर से कम्प्यूटर का भी प्रशिक्षण प्राप्त किया। अपने पिताजी गोविन्द जी के सहयोग से दर्जी का काम भी सीखा है।

वर्तमान में वह कम्प्यूटर का प्रशिक्षण वलियापुर से प्राप्त किया है, B.B.M काॅलेज से स्नातक कर रहा है।

News Source
Ekal

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