

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के इतिहास में नया सवेरा आदर्श अन्नपूर्णा भंडार, पड़ांगा
अजमेर जिले की भिनाय तहसील में पड़ांगा ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा संचालित आदर्श अन्नपूर्णा भंडार ने अन्य अन्नपूर्णा भंडारों के लिए एक मिसाल कायम की है। इस आदर्श अन्नपूर्णा भंडार से “एक पंथ-दो काज“ की बजाय “एक पंथ-पांच काम“ की नई कहावत का प्रादुर्भाव हुआ है।
पडांगा ग्राम सेवा सहकारी समिति पर ग्रामीण उपभोक्ता हेमसिंह रावत खाद-बीज लेने आया था, तभी उसकी नजर साफ-सुथरे अन्नपूर्णा भंडार पर पड़ी तो उससे रहा न गया। हेमसिंह रावत ने इस संबंध में व्यस्थापक सुरेश तिवाड़ी से पूछा तो तिवाड़ी ने हेमसिंह रावत के साथ ही श्रीमती घीसी देवी, गुलाब रायका, भोलाराम तेवडा़, पारसमल गुर्जर, रंगलाल गुर्जर, सुखदेव चौधरी इत्यादि को बताया कि राज्य सरकार की अन्नपूर्णा भंडार योजना के अन्तर्गत संचालित इस आदर्श अन्नपूर्णा भंडार पर आपकी जरूरत की सभी चीजें एक ही स्थान पर उच्च गुणवत्ता के साथ ही एमआरपी से कम दर पर मिलती है। यहां से सामान लेने पर आप लोगो के समय व धन की बचत होती है।
इस आदर्श अन्नपूर्णा भंडार के पास ही मिनी बैंक, ई-मित्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, विद्यालय, डेयरी एवं पशु चिकित्सा केन्द्र भी है। इस अन्नपूर्णा भण्डार पर प्रतिदिन 20000 रु. की बिक्री हो रही है। 10 फरवरी 2016 से शुरू हुए इस आदर्श अन्नपूर्णा भंडार पर अब तक 30 लाख रू. से अधिक के विभिन्न उत्पाद उपभोक्ताओं ने खरीदें है। इससे ग्राम सेवा सहकारी समिति को 40 से 50 हजार रू. प्रतिमाह की आमद हो रही है। खास बात यह है कि इस आदर्श अन्नपूर्णा भंडार पर सीसीटीवी केमरें लगे हुए हैं और मुम्बई के ‘‘अपना बाजार’’ से लाया गया सोफ्टवेयर भी है जिससे कम्प्यूटर बिल पूरी डिटेल के साथ उपभोक्ताओं को मिलता है।
आदर्श अन्नपूर्णा भंडार, पड़ांगा अजमेर जिले का प्रथम आदर्श अन्नपूर्णा भंडार है। यह अन्नपूर्णा भंडार उपभोक्ताओं के लिए “रूरल मॉल“ के सपने को साकार कर रहा है। पड़ांगा ग्राम पंचायत के अन्तर्गत आने वाले गांव अर्जुनपुरा, सांयमाला, रामनगर, देवपुरा, रामपुरा, रूपपुरा, अमरगढ़, मोतीपुरा व सदापुरा ग्राम के लोग पहले यहां से 25 किलोमीटर दूर स्थित मसूदा और विजयनगर से अपनी जरूरत का सामान खरीदते थे। इससे बडी मिसाल और क्या हो सकती है कि अब इन सभी गांवों के निवासी अपनी मूलभूत आवश्कताओं की वस्तुओं के साथ ही विद्यालयों में मिड-डे-मील का सारा सामान भी इसी आदर्श अन्नपूर्णा भंडार से खरीदते हैं। क्योंकि यहां पर मिलने वाला सामान एक ही जगह उच्च क्वालिटी के साथ किफायती दर पर मिलता है। इस कारण आसपास के गांवों में इस आदर्श अन्नपूर्णा भंडार की शोहरत के चर्चे हैं। सुबह से लेकर शाम तक इस अन्नपूर्णा भंडार पर ग्राहकों का जमावड़ा लगा रहता है। ग्राहकों की सहूलियत को ध्यान में रखकर ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यस्थापक ने अलग से एक सेल्समेन भी रखा है। लगभग पांच सौ घर एवं पांच हजार की आबादी वाली इस ग्राम पंचायत के लोगो ने अब अन्य दुकानों से सामान खरीदना बंद कर दिया है। ग्रामवासियों का कहना है कि जब से आदर्श अन्नपूर्णा भंडार खुला है गांव की अन्य दुकानें या तो बन्द होने लगी है या दामों में कमी करने लगे है।
इस प्रकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के इतिहास में प्रदेश की अन्नपूर्णा भंडार योजना उचित मूल्य के दुकानदारों एवं उपभोक्ताओं के लिए एक नई आशा व नया सवेरा लेकर आई है।