Curriculum For School Health Ambassador Initiative Under Ayushman Bharat Released

Union Minister for Health & Family Welfare, Science & Technology and Earth Sciences, Dr. Harsh Vardhan and Union Minister for HRD, Dr. Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ releasing the publication at the launch of the “School Health and Wellness Ambassador Initiative under Ayushman Bharat”, in New Delhi on February 12, 2020

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Union Minister of Human Resource Development Dr Ramesh Pokhriyal “Nishank”, Union Minister of Health & Family Welfare, Dr. Harsh Vardhan jointly released curriculum for School Health Ambassador Initiative under Ayushman Bharat in New Delhi today. MoS, Ministry of Health & Family Welfare Ashwini Kumar Choubeyalso graced the occasion.

Speaking on the occasion Pokhriyal said that the goal of ed­ucation is not only to increase the knowledge,but also to inculcate be­havior which promotes consciousness about good health. He said that the teachers are the best mentors for the children and now they will also act as “Health and Wellness Ambassadors” and will disseminate various key information by organising culturally sensitive activity based sessions for one hour per week for 24 weeks in a year to promote joyful learning. The first phase of implementation will be in all the public upper primary, secondary and senior secondary schools of aspirational districts. Subsequently, remaining districts will be taken up in the second year.

Shri Pokhriyal informed that the School Health Programme (SHP) under Ayushman Bharat was launched on April 14, 2018 by the Prime Minister, Narendra Modi in Bijapur, Chhattisgarh. This is a joint collaborative programme of the Ministry of Health and Family Welfare and the Ministry of Human Resource & Development, Department of School Education & Literacy. The initiative targets both Education and Health implementers and is envisaged to facilitate an integrated approach to health programming and more effective learning at the school level.Ministry of Human Resource & Development and Ministry of Health and Family Welfare (MoHFW) along with NCERT has developed curriculum framework and training material for training of nodal teachers, in line with Sustainable Development Goals (SDG- 3).

The Minister hoped that this initiative will help students to show good academic performance of the students as well keep them healthy and enhance skills/counter issues which they may come across throughout their life.

Dr. Harsh Vardhan stated that the efforts put in by National Council of Educational Research and Training (NCERT) for developing 24-hour curriculum, training materials for training of nodal teachers, facilitators guide were developed in consultation with MoHFW. Growing up healthy, emotional wellbeing and mental health, interpersonal relationships, values and responsible citizenship, gender equality, nutrition, health and sanitation, promotion of healthy lifestyles, prevention and management of substance misuse, reproductive health and HIV prevention, safety and security against violence and injuries, and promotion of safe use of internet, media and social media are the 11 identified themes.

In this new initiative, health promotion and prevention activities program has been added in addition to ongoing health screening program through Rasthriya Bal Swasthya Karyakram (RBSK) teams and provision of services (IFA, Albendazole and sanitary napkins). While health screening and provision of services are ongoing activities, the newly added health promotion and prevention component will be implemented by two teachers identified in every school as “Health and Wellness Ambassador”. These ambassadors will be supported by class monitors as “Health and Wellness Messengers”, Dr. Harsh Vardhan elaborated.

आयुष्‍मान भारत के तहत संयुक्‍त रूप से स्‍कूल स्वास्थ्य एम्बेस्डर कार्यक्रम पहल के लिए पाठ्यक्रम जारी

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल और केन्द्रीय स्वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने नई दिल्‍ली में आयुष्मान भारत के तहत संयुक्त रूप से स्कूल स्वास्थ्य एम्बेस्डर कार्यक्रम पहल के लिए पाठ्यक्रम जारी किया। इस अवसर पर स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री अश्विनी चौबे भी उपस्थित थे।

पोखरियाल “निशंक” ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा का उद्देश्‍य केवल ज्ञान बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि ऐसी आदत भी डालना है जो सजगता और अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा दे। उन्‍होंने कहा कि शिक्षक बच्‍चों के सबसे बेहतर मार्गदर्शक होते हैं और अब ये उनके लिए स्‍वास्‍थ्‍य और आरोगय के एम्‍बेस्‍डर की तरह भी काम करेंगे। ये शिक्षक अगले 24 हफ्तों तक प्रति सप्‍ताह एक घंटे का एक ऐसा सत्र आयोजित करेंगे, जिसमें सांस्‍कृतिक गतिविधियों के माध्‍यम से बच्‍चों को महत्‍वपूर्ण सूचनाएं दी जाएगी। पहले चरण के तहत इसे सभी आकांक्षी जिलों के प्राथमिक, माध्‍यमिक और उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालयों में लागू किया जाएगा। अन्‍य जिलों में यह दूसरे वर्ष से लागू होगा।

पोखरियाल ने बताया कि आयुष्‍मान भारत के तहत स्‍कूल स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम का शुभारंभ 14 अप्रैल, 2018 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर से किया गया था। यह स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण और मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा स्‍कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग का स्‍कूली उपक्रम है। इसका मुख्‍य उद्देश्‍य स्‍कूली स्‍तर पर स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रमों का प्रभावी संयोजन करना है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान तथा प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के साथ मिलकर सतत विकास लक्ष्‍य-3 के अनुरूप नोडल टीचरों के प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण सामग्री और पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है।

केन्‍द्रीय मंत्री ने उम्‍मीद जताई कि यह  छात्रों को  शिक्षा के स्‍तर पर अच्‍छा प्रदर्शन करने के साथ ही उन्‍हें स्‍वस्‍थ रखने भी मदद करेगा और ऐसे कौशल विकसित करने में सक्षम बनाएगा, जो उन्‍हें जीवन में आगे आने वाली परिस्थितियों से निपटने में मदद करेगा। 

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि एनसीईआरटी ने 24 घंटे का पाठ्यक्रम विकसित करने, नोडल शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने और सहायक गाइड को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की सलाह से तैयार करने में काफी प्रयास किया है। 11 चिन्हित विषयों में स्वस्थ रूप से युवा होना, भावनात्मक मजबूती तथा मानसिक स्वास्थ्य, अंतरवैयक्तिक संबंध मूल्य तथा उत्तरदायी नागरिक, लैंगिक समानता, पोषाहार, स्वस्थ और साफ-सफाई, स्वस्थ जीवनशैली का प्रोत्साहन, मादक द्रव्यों की रोकथाम और उसका दुरुप्रयोग प्रबंधन, प्रजनन स्वास्थ्य, एचआईवी रोकथाम, स्वास्थ्य हिंसा और जख्म से सुरक्षा, इंटरनेट, मीडिया तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को प्रोत्साहन शामिल है।

इस नई पहल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से जारी स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम, सेवा प्रावधान (आईएफए, एलबेनडेजोल तथा सेनेटरी नैपकिंग) के अतिरिक्त स्वास्थ्य प्रोत्साहन तथा रोकथाम गतिविधि को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जांच और सेवा के प्रावधान संबंधी गतिविधियां हमेशा चलती रहती हैं। नए जोड़े गए स्वास्थ्य प्रोत्साहन तथा रोकथाम घटक को प्रत्येक स्कूल में स्वास्थ्य तथा वेलनेस एम्बेस्डर के रूप में चिन्हित दो शिक्षकों द्वारा लागू किया जाएगा। इन एम्बेस्डरों को स्वास्थ्य तथा वेलनेस मैनेजर के रूप में क्लास के मॉनिटर सहायता देंगे।

News Source
PIB Release

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