Zero Investment Innovations

दैनिक बाल अखबार

छात्रों में सृजनात्मक क्षमता को विकसित करने, उनमें अभिव्यक्ति की क्षमता का विस्तार करने, कला, संस्कृति व साहित्य के प्रति अभिरूचि उत्पन्न करने, देश-दुनिया-राज्य-समाज की स्थितियों से साक्षात्कार कराने के लिये 'बाल अखबार' की उपादेयता निश्चित तौर पर अतुलनीय है. इस नवाचार के माध्यम से छात्रों का पठन कौश
Innovator
मीतू सिंह, उ.प्रा.वि. बेथर - I, सिकंदरपुर कर्ण, उन्नाव

बाल संसद - 'मेरा विद्यालय मेरी नजर से'

छात्रों का सर्वांगीण विकास शिक्षा का लक्षय है, जिसके लिये दायित्व बोध उत्पन्न करने के साथ उनमें लोकतंत्र के प्रति निष्ठा भावना का प्रसार करना आवश्यक है. यदि छात्र सामूहिकता के महत्व को समझ जायेंगे, तो जीवन भर उनमें अहं की जगह सामुदायिक सहभागिता की भावना जागृत होगी. कदम से कदम मिलाकर चलना सीखने के सा
Innovator
मीना कुमारी, पू. मा. वि. खेरागढ़ - 1, खेरागढ़, आगरा
आशुतोष दुबे, प्रा. वि. तालग्राम, जिला कन्नौज
नीलिमा श्रीवास्तव, पू. मा. वि. जोगिया शेखपुर, फूलपुर, इलाहाबाद
डा. मनोज कुमार पाण्डे, प्रा. वि. कनइल -1, क्षेत्र - कौड़ीराम, गोरखपुर
रूचि वर्मा, प्रा. वि. मिर्जानगला, क्षेत्र - कमालगंज, फर्रूखाबाद
रख्शन्दा अन्जुम, उ. प्रा. वि. फुलसिंंहा, सम्भल

खेल-खेल में शिक्षा

स्वाभाविक रूप से बचपन खेल-कूद के लिये होता है. छात्रों की गतिविधियां उनके परिवेश और रूचि पर निर्भर करती है. यही कारण है कि किताबी ज्ञान उन्हें अरूचिकर लगता है. हर समय शिक्षक द्वारा पढ़ाये गये पाठ, होम वर्क, परीक्षा आमतौर पर छात्रों को बोझिल लगने लगती है. संभव है, ऐसे में किताबों और विद्यालय से उसे ऊब
Innovator
सलोनी मेहरोत्रा, प्रा. वि. सहलोलवा, करछना, इलाहाबाद
प्रदीप कुमार, प्रा. वि. बनियापार, कौडीराम, गोरखपुर
श्वेता श्रीवास्तव, प्रा. वि. जैतवार ड़ीह, सोंगव, इलाहाबाद
नम्रता सिंंह, पू. मा. वि. लक्ष्बर, मसौली, बाराबंकी
मन्जू, पू. मा. वि. खुजउपुर, सरसौल, कानपुर नगर
आशुतोष दुबे, प्रा. वि. तालग्राम, कन्नौज

सरल अंग्रेजी अधिगम

जापान, फ्रांस, जर्मनी और चीन जैसे अनेक ऐसे देश हैं, जहां डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिये अंग्रेजी जनना जरूरी नही है. पर आर्थिक वैश्विकरण के युग में अब अंग्रेजी की महत्ता हर देश में बढ़ गयी है. इसके विपरीत यह सच्चाई है कि हमारे देश में अंग्रेजी ज्ञान के बिना किसी भी महत्वपूर्ण पद के योग्य ही नही माना
Innovator
रजा फात्मा, पू. मा. वि. पौहिना, जवां, अलीगढ़

चित्रकथा के माध्यम से शिक्षा

अक्सर माता-पिता इस बात से चिंतित रहते हैं कि उनके बच्चे का पढ़ाई में दिल नही लगता. शिक्षक भी इससे परेशान रहते हैं कि वह बहुत मेहनत से पढ़ाते हैं लेकिन छात्र उसे आत्मसात नही कर पाता. यह समस्या या शिकायत बहुत सामान्य है लेकिन यदि छात्रों को कठिन पाठ भी कहानी-किस्सों और चित्रों के माध्यम से पढ़ाये जायें
Innovator
सोनिया रानी चौहान, पू.मा.वि. अब्दुल्लापुर लेदा, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद
ओमश्री वर्मा, यू.पी.एस. मंझना, शमसाबाद, फर्रूखाबाद
पूनम सिंंह, प्रा.वि. जमीनहुसैनाबाद, बाराबंकी

कॉन्सेप्ट मैपिंग

पाठ्यक्रम के बहुत से ऐसे अध्याय होते है, जो बहुत बड़े और असानी से याद नही किये जा सकते. विज्ञान जैसे विषयों में तो छात्र उसे कन्ठस्ठ भी नही कर सकते. वैसे भी शिक्षा का उद्देशय 'तोता' बनाना नही बल्कि ज्ञानी (जीनियस) बनाना है. लंबे और नीरस पाठों को आप कॉन्सेप्ट मैपिंग के द्वारा अपने मन- मस्तिष्क में आस
Innovator
डा. श्रवण कुमार गुप्त, पू. मा. वि. देहली विनायक, सेवापुरी, वाराणसी