Zero Investment Innovations

भारत एक, भाषा अनेक

हमारे देश में एक प्रसिद्ध कहावत है `एक कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वाणी`। अनेक भाषाओं, बोलियों और शैलियों के कारण ग्रामीण भारत के विद्यालयों में शिक्षकों को एक विशेष समस्या का सामना करना पड़ता है. अक्सर देखा गया है कि छात्रों की स्थानीय बोली शिक्षक समझ नही पाते. छात्र भी भाषा बोध में कमी के कारण
Innovator
कविता, राजकीय माध्यमिक विद्यालय बरियातु, रांची
बिनय कुमार वर्मा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुखजोरा, जमतारा
सतेंद्र कुमार सिंह, उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुरूम, रामगढ़
महेंद्र कुमार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय मायापुर, हजारीबाग
आरफा तबस्सुम, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नईसराई, रांची
शैलेश कुमार, राजकीयकृत मध्य विद्यालय झाबरी, रामगढ़
चंद्रशेखर प्रसाद, राजकीय मध्य विद्यालय मांडू, रामगढ़

Healthy Students Better Learners

There’s an old saying that a healthy mind resides in a healthy body. It has also been scientifically proven that nutritious food is directly related to children’s intellectual development. Any deficiency of vitamins or other nutrients can not only affect their physical health, but also their
Innovator
Sacchina Chettri, Upper Syari, Junior High School, Nandok, East Sikkim

Human Values

What is the true role of education in a person’s life? If we say that it is to equip a person with the knowledge and skills to be able to perform well in the world and to have a fruitful career, we will be only touching the tip of the iceberg. The true role of education is to teach a person how to
Innovator
Laden Pulger, Government Junior High School, Adam Pool, East Sikkim
Deepak Kumar, Kalzang Gyatso Senior Secondary School, Kabi, North Sikkim
Munna Gurung, Temi Senior Secondary School, South Sikkim
Ranjeeta Rai, Government Secondary School, Melli Bazar, South Sikkim

छात्र प्रोफाइल

हमारी शिक्षा प्रणाली में परीक्षाओं के प्राप्तांकों पर छात्र-छात्राओं की सफलता-असफलता का मूल्यांकन होता है. हालांकि प्राथमिक शिक्षा में काफी सुधार हुए हैं लेकिन माध्यमिक शिक्षा पद्धति में लार्ड मैकाले का ही अनुसरण हो रहा है. ऐसे में जरूरी है कि शिक्षा छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिये हो और यदि
Innovator
परम सिंह, श्रीमती सुखदेवी इं. का. हसनपुरा, अमरोहा

सामुदायिक सहभागिता

ग्रामीण परिवेश में सबसे अधिक समस्या छात्रों को विद्यालय तक ले जाने की है. अभियान चलाकर यदि छात्रों का विद्यालय में नामांकन भी करा दिया जाता है, तब भी विद्यालय में छात्रों के गैरहाजिर रहने की समस्या बनी रहती है. इसके अतिरिक्त आमतौर पर अशिक्षित या कम पढ़े-लिखे माता-पिता विद्यालय तक आने में संकोच करते
Innovator
सुशील कुमार, प्रा. वि. गाजीपुर कुतुब प्रथम, नजीवाबाद, बिजनौर
गरिमा, प्रा. वि. करपिया, मसौली, बाराबंकी
पुष्पा कुमारी, प्रा. वि. नगला सुर्जन, मोहम्मदाबाद, फर्रूखाबाद
बीना सिंह, प्रा. वि. मूंघी जामों, अमेठी
सोनिया रानी चौहान, पू. प्रा. वि. अब्दुल्लापुर लेदा, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद
चम्पा सिंह, पू. प्रा. वि. जंगल कौडिया, गोरखपुर

कला-शिल्प से सर्वांगीण विकास

अगर आप छात्र को रचनात्मक एवं नवाचारी बनाना चाहते हैं तो यह जरूरी है कि उसमें पाठ्येत्तर विषयों के प्रति रूचि उत्पन्न की जाये. ऐकेडमिक शिक्षा जहां छात्र को ज्ञान के साथ सर्टिफिकेट और डिग्री होल्डर बनाती है, वहीं उसकी सृजनात्मक अभिरूचि उसे बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बनाती है. छात्र के सम्पूर्ण
Innovator
श्वेता अग्रवाल, प्रा. वि. भरूहना, मिर्जापुर
आयुषि शर्मा, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, हस्तिनापुर, मेरठ

अभिनव शिक्षण तकनीक

प्रत्येक छात्र को शिक्षित करने के उद्देश्य और शिक्षा के प्रति आकर्षण उत्पन्न करने के लिये सरकार ने अनेक सुविधाएंं उपलब्ध करायी हैं. सरकारी विद्यालयों मेंं पूर्ण रूप से निःशुल्क शिक्षा के साथ पाठ्य पुस्तकें, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृति, शिक्षण अधिगम सामग्री उपलब्ध कराने के लिये सरकार ने अपने संपूर्ण
Innovator
प्रतिमा, प्रा. वि. लहरपतेर, कौधियारा, इलाहाबाद
सुशील कुमार, प्रा. वि. गुलरिया हरख, बाराबंकी
अनिल कुमार, प्रा. वि. परापांतर पनवाड़ी, महोबा
ज्योति रावत, प्रा. वि. गुलरिया हरख, बाराबंकी

भविष्य सृजन

प्राथमिक विद्यालय में छात्र कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं और मिट्टी को आकार देना शिक्षक का कर्तव्य है. सत्य यही है कि शिक्षकों के सृजन से ही छात्रोंं का भविष्य सवंरता है. शिक्षकों का दायित्व है कि वह छात्र के मस्तिष्क में उसकी रूचि के अनुसार उनमें भविष्य निर्माण के बीज रोपित करें. छात्र जब प्राथमिक
Innovator
मुलायम सिंह, प्रा. वि. फुफुवार प्रथम, सरसौल कानपुर नगर

दैनिक बाल अखबार

छात्रों में सृजनात्मक क्षमता को विकसित करने, उनमें अभिव्यक्ति की क्षमता का विस्तार करने, कला, संस्कृति व साहित्य के प्रति अभिरूचि उत्पन्न करने, देश-दुनिया-राज्य-समाज की स्थितियों से साक्षात्कार कराने के लिये 'बाल अखबार' की उपादेयता निश्चित तौर पर अतुलनीय है. इस नवाचार के माध्यम से छात्रों का पठन
Innovator
मीतू सिंह, उ.प्रा.वि. बेथर - I, सिकंदरपुर कर्ण, उन्नाव

बाल संसद - 'मेरा विद्यालय मेरी नजर से'

छात्रों का सर्वांगीण विकास शिक्षा का लक्षय है, जिसके लिये दायित्व बोध उत्पन्न करने के साथ उनमें लोकतंत्र के प्रति निष्ठा भावना का प्रसार करना आवश्यक है. यदि छात्र सामूहिकता के महत्व को समझ जायेंगे, तो जीवन भर उनमें अहं की जगह सामुदायिक सहभागिता की भावना जागृत होगी. कदम से कदम मिलाकर चलना सीखने के
Innovator
मीना कुमारी, पू. मा. वि. खेरागढ़ - 1, खेरागढ़, आगरा
आशुतोष दुबे, प्रा. वि. तालग्राम, जिला कन्नौज
नीलिमा श्रीवास्तव, पू. मा. वि. जोगिया शेखपुर, फूलपुर, इलाहाबाद
डा. मनोज कुमार पाण्डे, प्रा. वि. कनइल -1, क्षेत्र - कौड़ीराम, गोरखपुर
रूचि वर्मा, प्रा. वि. मिर्जानगला, क्षेत्र - कमालगंज, फर्रूखाबाद
रख्शन्दा अन्जुम, उ. प्रा. वि. फुलसिंंहा, सम्भल

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