Zero Investment Innovations

अभिनव शिक्षण तकनीक

छात्र केंद्रित शिक्षण प्रणाली को सफल बनाने के लिए शैक्षिक गतिविधियों में छात्रों की सहभागिता आवश्यक है. इसलिए अब पुस्तक बद्ध पढ़ाई से आगे बढ़कर विद्यालयों में आनुभविक शिक्षण प्रणाली पर जोर दिया जाने लगा है. समय और परिस्थितियों के अनुरूप शिक्षक अब नई-नई शिक्षण विधियों का समावेश छात्रों के दैनिक जीवन

Community Participation

If education is a means to creating a positive, progressive society, then the most critical factor to ensure social upliftment is the school. And hence, it becomes the community’s primary responsibility to support its schools. All of teacher’s efforts to make learning engaging, improve learning

खेल खेल में शिक्षा

बच्चे जीवन की कई महत्वपूर्ण क्रियाएं जैसे कि भोजन करना, चलना और बोलना खेल-खेल में स्वतः ही सीख जाते हैं. खेल-खेल में सीखना और समझना बच्चों के लिए स्वाभाविक प्रक्रिया है. ऐसा करने से उन्हें पढ़ाई आनन्दमयी लगने लगती है, और वह सहयोग, समन्वय, मित्रता, दया, करूणा, अनुशासन, प्रेम, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के

भारत एक, भाषा अनेक

हमारे देश में एक प्रसिद्ध कहावत है `एक कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वाणी`। अनेक भाषाओं, बोलियों और शैलियों के कारण ग्रामीण भारत के विद्यालयों में शिक्षकों को एक विशेष समस्या का सामना करना पड़ता है. अक्सर देखा गया है कि छात्रों की स्थानीय बोली शिक्षक समझ नही पाते. छात्र भी भाषा बोध में कमी के कारण

Healthy Students Better Learners

There’s an old saying that a healthy mind resides in a healthy body. It has also been scientifically proven that nutritious food is directly related to children’s intellectual development. Any deficiency of vitamins or other nutrients can not only affect their physical health, but also their

Human Values

What is the true role of education in a person’s life? If we say that it is to equip a person with the knowledge and skills to be able to perform well in the world and to have a fruitful career, we will be only touching the tip of the iceberg. The true role of education is to teach a person how to

छात्र प्रोफाइल

हमारी शिक्षा प्रणाली में परीक्षाओं के प्राप्तांकों पर छात्र-छात्राओं की सफलता-असफलता का मूल्यांकन होता है. हालांकि प्राथमिक शिक्षा में काफी सुधार हुए हैं लेकिन माध्यमिक शिक्षा पद्धति में लार्ड मैकाले का ही अनुसरण हो रहा है. ऐसे में जरूरी है कि शिक्षा छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिये हो और यदि

सामुदायिक सहभागिता

ग्रामीण परिवेश में सबसे अधिक समस्या छात्रों को विद्यालय तक ले जाने की है. अभियान चलाकर यदि छात्रों का विद्यालय में नामांकन भी करा दिया जाता है, तब भी विद्यालय में छात्रों के गैरहाजिर रहने की समस्या बनी रहती है. इसके अतिरिक्त आमतौर पर अशिक्षित या कम पढ़े-लिखे माता-पिता विद्यालय तक आने में संकोच करते

कला-शिल्प से सर्वांगीण विकास

अगर आप छात्र को रचनात्मक एवं नवाचारी बनाना चाहते हैं तो यह जरूरी है कि उसमें पाठ्येत्तर विषयों के प्रति रूचि उत्पन्न की जाये. ऐकेडमिक शिक्षा जहां छात्र को ज्ञान के साथ सर्टिफिकेट और डिग्री होल्डर बनाती है, वहीं उसकी सृजनात्मक अभिरूचि उसे बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बनाती है. छात्र के सम्पूर्ण

अभिनव शिक्षण तकनीक

प्रत्येक छात्र को शिक्षित करने के उद्देश्य और शिक्षा के प्रति आकर्षण उत्पन्न करने के लिये सरकार ने अनेक सुविधाएंं उपलब्ध करायी हैं. सरकारी विद्यालयों मेंं पूर्ण रूप से निःशुल्क शिक्षा के साथ पाठ्य पुस्तकें, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृति, शिक्षण अधिगम सामग्री उपलब्ध कराने के लिये सरकार ने अपने संपूर्ण

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