कम्प्यूटर शिक्षा ने आनंद यादव को बनाया आत्म निर्भर

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यह कहानी है आनंद यादव, पिता श्री कृष्ण यादव माता का नाम श्रीमती राधिका यादव, की।  17 वर्षिय आनंद का निवास, ग्राम पोस्ट अटवा, तहसील मिश्रीख, जिला सीतापुर उत्तरप्रदेश में है। 

आनंद ने हाईस्कूल की पढ़ाई सरस्वती ज्ञान मन्दिर इंटर कॉलेज, मिश्रिख से किया। इनके गाँव से एकल अभियान का ग्रामोत्थान संसाधन केंद्र GRC  लगभग 5 किलोमीटर दूर पर स्थित है। इस GRC केंद्र के विषय में आई टी शिक्षक दिनेश जी के ग्राम संपर्क से आनंद को  जानकारी लगी कि इस प्रकार कम्प्यूटर कोर्स निःशुल्क हो रहे है। आनंद कहते है, मेरी इच्छा भी बहुत थी लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से कही भी नही सिख पाया, अब GRC केंद्र से निःशुल्क सीख लिया इसके लिए मैं ह्रदय से आभारी हूँ।

आनंद आगे कहते है, “पिताजी पहले से पेंटर थे, सोचता था इसे कैसे नए अंदाज में ले जाए। आज के भौतिक युग के डिजीटल जमाने में हाथ पेंटिग फीके पड़ गई थी।  मेरी सोच थी कि रेडियम कटिंग मशीन लगाना है आय को दोगुनी करना है। पिताजी के कार्य में, पढ़ाई के अलावा सहयोग भी करता था। मेरी इच्छा को GRC केंद नैमिषारण्य ने पूरा किया। विगत अप्रैल 2015 से अक्तूबर 2015 तक GRC केंद्र से  6 माह का कोर्स अच्छे तरीके से पूरे मन लगाकर किया। सुबह 8 से 10 तक GRC केंद्र आकर सीखता फिर जाकर पिताजी के कार्यो में सहयोग करना। कम्प्यूटर कोर्स पूर्ण होते ही मैंने एक दुकान खोली जिसमें गाड़ियों की नम्बर प्लेट, रेडियम कटिंग पर विशेष महत्व दिया। मेरे काम ने इतना जोर पकड़ा की मेरा हौसला दिनों दिन बढ़ता गया। वर्तमान में 15 हजार रुपए प्रतिमाह औसत मुनाफा कमाने लगा हूँ। आगे कार्य को अधिक बढ़ाकर फ्लेक्स मशीन लगाने की योजना है जिससे मेरी आय  दोगुनी हो सके। मेरा सपना पूरा करने के लिए GRC केंद को धन्यवाद देता हूँ। मेरी दुकान का नाम अब कृश्ना पेंटर & आनंद आर्ट्स रखा है। साथ गाँव के अन्य युवाओं को कंप्यूटर सीखने हेतु प्रेरित करूँगा।

इस 17 वर्षीय युवा के उत्साह को देखकर नये भारत की कल्पना को साकार करने में एक कदम आगे बढ़ने जैसा साबित कर रहा एकल अभियान का यह GRC केंद्र सिमरा नैमिषारण्य में चलने आई टी लैब युवाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है।

Computer Education has made Anand Yadav self independent

This is the story of one Anand Yadav, 17 yr old, son of Shri Krishan Yadav and Shrimati Radhika Yadav, who stays in village post Atva of  Mishrikh block in the district of Sitapur, in Uttar Pradesh.

Anand completed his high school from Saraswati Gyan Mandir intercollege in Mishrikh. He came to know about the free computer education services provided by Ekal Abhiyan Gramothan Resource Centre (GRC) through an IT teacher, Shri Dinesh at the centre. The GRC is located 5 km away from his village.  Due to poor economic condition, in spite of wanting to learn computer, he could not pursue this course. Now he had the opportunity to fulfill his dreams. He says, “I am very grateful to GRC for this free of cost education given to us.”

Anand says, “My father was a painter, but in today’s digital world, manual painting has lost it’s sustainability. So I thought of setting up a radium cutting machine from which I could earn a better living. I used to help my father in his work along with my studies. My wish was fulfilled by GRC wherein from April 2015 to October 2015 I did a 6 months course with full dedication since morning 8 to 10 am and then I used to help my father with his work. After completing the course I opened up a shop where I made vehicle number plates, radium cutting etc. which gave me good profit margin. It gave me courage to set up a flex machine in the future to earn even better. At present I am earning Rs15,000/- per month for which I thank GRC for fulfilling my dreams. The name of my shop is ‘Krishna Painters and Anand Arts’. I will also encourage other youth of my village to learn computer.”

After seeing the enthusiasm of this 17 yr old boy we can see a new age India where the hard work and dedication of the team at GRC, Nemisharanya, of EKAL Abhiyan is working tirelessly to make the youth of our villages self independent by running this IT lab.

News Source
Ekal

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